रशीद खान ने लाहौर कलंदर्स से तोड़ा नाता; पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक पर जताया विरोध
अप्रैल, 22 2026
क्रिकेट की दुनिया में खेल और राजनीति का रिश्ता हमेशा से पेचीदा रहा है, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर है। अफगानिस्तान के टी20 कप्तान रशीद खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) से अपनी पीएसएल फ्रेंचाइजी लाहौर कलंदर्स का नाम हटा दिया है। यह कदम उन्होंने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई उन हवाई हमलों के विरोध में उठाया है, जिनमें मासूम नागरिकों की जान गई। रशीद ने अपनी बायो से इस टीम का नाम हटाकर दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि उनके लिए देश और अपनों की जान, खेल और ग्लैमर से कहीं ऊपर है।
यह पूरा विवाद अक्टूबर 2025 में तब गहराया जब अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के उर्गुन जिले में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक हुई। इन हमलों में 8 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें सबसे दुखद बात यह रही कि मरने वालों में तीन उभरते हुए युवा क्रिकेटर—कबीर, सिबगतुल्लाह और हारून भी शामिल थे। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इन युवाओं की पहचान की पुष्टि की है। इस त्रासदी के बाद सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिससे पूरे अफगानिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई है।
खेल का मैदान अब तनाव की वजह
हैरानी की बात यह है कि इस घटना के तुरंत बाद अफगानिस्तान ने एक बड़ा फैसला लिया। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वह 17 से 29 नवंबर, 2025 तक निर्धारित ट्राई-नेशन टी20 सीरीज से अपना नाम वापस ले रहा है। इस सीरीज में पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी शामिल थीं। बोर्ड का कहना है कि यह फैसला पीड़ितों के प्रति सम्मान और दुख व्यक्त करने के लिए लिया गया है।
रशीद खान, जो अपनी लेग स्पिन और ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं, अब तक अपनी बायो में अपनी सभी प्रमुख टीमों का जिक्र करते थे। इसमें उनकी नेशनल टीम, आईपीएल की गुजरात टाइटंस और बिग बैश लीग की एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ लाहौर कलंदर्स का नाम भी शान से दर्ज था। लेकिन एयरस्ट्राइक के बाद उन्होंने सिर्फ लाहौर कलंदर्स का नाम हटाया है।turns out, यह महज एक डिजिटल बदलाव नहीं, बल्कि एक कड़ा राजनीतिक और भावनात्मक विरोध है।
लाहौर कलंदर्स के साथ रशीद का पुराना रिश्ता
अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो रशीद खान और लाहौर कलंदर्स का रिश्ता काफी गहरा रहा है। रशीद ने फरवरी 2023 में पीएसएल के आठवें संस्करण (PSL 7) में इस टीम के साथ अपनी पारी शुरू की थी। उस समय 24 साल के रशीद का पाकिस्तान आगमन काफी चर्चा में रहा था। उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान लाया गया था और लाहौर कलंदर्स ने ट्विटर पर 'खुश आमदीद' (स्वागत) कहकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था।
उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ मैच में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था। रशीद ने शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ और फखर ज़मान जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर टीम को चैंपियनशिप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन अब, वही यादें कड़वाहट में बदल चुकी हैं।
तनाव के मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- हताहत: एयरस्ट्राइक में 8 नागरिकों की मौत, जिनमें 3 युवा क्रिकेटर शामिल।
- स्थान: उर्गुन जिला, पक्तिका प्रांत (अफगानिस्तान)।
- प्रतिक्रिया: रशीद खान द्वारा सोशल मीडिया बायो से लाहौर कलंदर्स को हटाना।
- खेल पर असर: नवंबर 2025 की ट्राई-नेशन सीरीज से अफगानिस्तान की वापसी।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य का प्रभाव
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को एक नए निचले स्तर पर ले जा सकती है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी का विरोध नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि जब सीमा पर तनाव बढ़ता है, तो खेल के मैदान की दीवारें भी गिर जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि रशीद ने अपनी आईपीएल और बीबीएल टीमों के साथ संबंध बनाए रखे हैं, जिससे पता चलता है कि उनका गुस्सा विशेष रूप से पाकिस्तान के सैन्य एक्शन के खिलाफ है।
यहाँ एक बात सोचने वाली है कि क्या खेल वाकई राजनीति से ऊपर हो सकता है? जब तीन युवा क्रिकेटरों की जान गई, तो खेल की भावना खुद-ब-खुद पीछे छूट गई। अब सवाल यह है कि क्या लाहौर कलंदर्स या पीएसएल प्रबंधन इस स्थिति को संभालने के लिए कोई कदम उठाएगा, या फिर रशीद खान का यह फैसला एक स्थायी अलगाव की शुरुआत है।
क्या होगा आगे?
आने वाले दिनों में सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या अन्य अफगान खिलाड़ी भी इसी तरह का विरोध जताते हैं। नवंबर की सीरीज से हटने के बाद अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मैचों का भविष्य अधर में लटका है। यह देखना होगा कि क्या कूटनीतिक स्तर पर कोई हल निकलता है या फिर क्रिकेट के जरिए शुरू हुई दोस्ती अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
रशीद खान ने अपनी सोशल मीडिया बायो से लाहौर कलंदर्स का नाम क्यों हटाया?
रशीद खान ने यह कदम पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में किए गए हवाई हमलों के विरोध में उठाया है। इन हमलों में 8 नागरिकों की जान गई थी, जिनमें तीन युवा अफगान क्रिकेटर भी शामिल थे। यह उनके द्वारा जताया गया एक प्रतीकात्मक विरोध है।
अफगानिस्तान ने किस सीरीज से अपना नाम वापस लिया है?
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने 17 से 29 नवंबर, 2025 तक आयोजित होने वाली ट्राई-नेशन टी20 सीरीज से नाम वापस लिया है। इस सीरीज में पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी हिस्सा लेने वाली थीं।
एयरस्ट्राइक में कौन लोग मारे गए थे?
पक्तिका प्रांत के उर्गुन जिले में हुए हमलों में कुल 8 नागरिक मारे गए। इनमें कबीर, सिबगतुल्लाह और हारून नामक तीन युवा क्रिकेटरों की मृत्यु हुई, जिनकी पहचान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने की है।
क्या रशीद खान अभी भी आईपीएल और बीबीएल टीमों के साथ जुड़े हैं?
हाँ, रशीद खान ने अपनी बायो से केवल लाहौर कलंदर्स का नाम हटाया है। उन्होंने गुजरात टाइटंस (IPL) और एडिलेड स्ट्राइकर्स (BBL) के साथ अपने जुड़ाव को बरकरार रखा है, जो दर्शाता है कि उनका विरोध विशेष रूप से पाकिस्तान के खिलाफ है।
रशीद खान का लाहौर कलंदर्स के साथ क्या इतिहास रहा है?
रशीद खान फरवरी 2023 में पीएसएल 7 के दौरान लाहौर कलंदर्स से जुड़े थे। उन्होंने टीम को चैंपियनशिप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और गद्दाफी स्टेडियम में मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ मैच में 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी रहे थे।

Prathamesh Shrikhande
अप्रैल 23, 2026 AT 15:07बहुत दुखद है कि खेल के बीच में ऐसी हिंसा आ गई 😢 मासूमों की जान जाना सबसे बड़ी त्रासदी है।
Raman Deep
अप्रैल 24, 2026 AT 06:37रशीद भाई ने एकदम सही किया 👏 देश और अपनों से बढ़कर कुछ नहीं होता। रिस्पेक्ट! ❤️
Anirban Das
अप्रैल 24, 2026 AT 11:08सब ड्रामा है 🙄
Priyank Prakash
अप्रैल 25, 2026 AT 00:17अरे भाई ये तो बहुत बड़ा बवाल हो गया! 😱 सोचो कितने बड़े लेवल का स्कैंडल है, क्रिकेट तो बस बहाना है, असली खेल तो पर्दे के पीछे चल रहा है!! 🤯
saravanan saran
अप्रैल 26, 2026 AT 17:14जब मानवता खतरे में होती है, तब खेल के नियम अर्थहीन हो जाते हैं। यह सिर्फ एक बायो अपडेट नहीं है, बल्कि एक आत्मा की पुकार है जो अपने देश के युवाओं के लिए शोक मना रही है। खेल हमें जोड़ता है, लेकिन जब खून बहता है, तो दूरियां बढ़ना स्वाभाविक है। हमें समझना होगा कि शांति के बिना किसी भी खेल की जीत अधूरी है। यह समय राजनीति से ऊपर उठकर संवेदना दिखाने का है। आशा है कि दुनिया इस दर्द को समझेगी और भविष्य में हम ऐसी त्रासदियों से बच पाएंगे। क्रिकेट के मैदानों पर खुशी होनी चाहिए, मातम नहीं। रशीद ने एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में स्टैंड लिया है। यह साहस प्रशंसनीय है। शायद एक दिन हम एक ऐसी दुनिया में जिएँ जहाँ सरहदों की दीवारें गिर जाएँ और खेल वास्तव में दिलों को जोड़े। तब तक, हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं कि शांति लौटे। यह घटना हमें याद दिलाती है कि हम सब पहले इंसान हैं और फिर कुछ और। दुख की इस घड़ी में पूरा विश्व अफगानिस्तान के साथ होना चाहिए। उम्मीद है कि कूटनीति से रास्ता निकलेगा। खेल की भावना तभी जीवित रहती है जब जीवन का सम्मान हो। अंततः, शांति ही सबसे बड़ा खेल है।
SAURABH PATHAK
अप्रैल 27, 2026 AT 21:12भाई, सबको पता है कि पीएसएल का पूरा सिस्टम ही ऐसा है, रशीद तो बस एक चिंगारी है, आगे और भी प्लेयर्स छोड़ेंगे।
Senthilkumar Vedagiri
अप्रैल 29, 2026 AT 03:05ye sab ek plan hai... paka kisi badi conspiracy ka hissa hai ye airstrike... sab dikhava hai bas 🙄
Mayank Rehani
अप्रैल 30, 2026 AT 14:03इस सिचुएशन में geopolitical tensions और sports diplomacy का जो clash दिख रहा है वो काफी intense है। वास्तव में यह एक strategic move है जिसे रशीद ने अपनी personal brand value के साथ align किया है।
Priya Menon
मई 1, 2026 AT 11:35यह बेहद निंदनीय है कि निर्दोष नागरिकों की जान ली गई। रशीद खान का यह कड़ा रुख पूरी तरह जायज है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर चुप्पी तोड़नी चाहिए।
Jivika Mahal
मई 2, 2026 AT 18:12bechare bachon ki jaan chali gayi, bahut bura hua 😭 rashed ne sahi kiya unka sath dene ka
shrishti bharuka
मई 4, 2026 AT 02:22वाह, अब हमें बताया जा रहा है कि खेल राजनीति से ऊपर है, जबकि असलियत सबके सामने है। कितना 'प्यारा' तालमेल है ना? 😏
Anamika Goyal
मई 4, 2026 AT 13:30मुझे लगता है कि रशीद ने बहुत हिम्मत दिखाई है। अपनी टीम से नाता तोड़ना आसान नहीं होता, खासकर जब आप वहां इतने सफल रहे हों।
Nikita Roy
मई 4, 2026 AT 17:37sahi decision hai bhai
Arun Prasath
मई 6, 2026 AT 15:45यह स्पष्ट है कि जब मानवीय मूल्य दांव पर होते हैं, तो पेशेवर प्रतिबद्धताएं गौण हो जाती हैं। रशीद खान का यह निर्णय एक नैतिक उदाहरण है।
sachin sharma
मई 7, 2026 AT 13:38सब कुछ शांत हो जाए बस, खेल वापस लौटे