खवाजा और स्मिथ की शतक जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया को गाले में भव्य बढ़त दिलाई
नव॰, 23 2025
गाले के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शुक्रवार, 31 जनवरी 2025 को खत्म हुए पहले दिन का अंत ऐसा था जैसे ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट मैच का निर्णय ही ले लिया हो। 81.1 ओवर में 330/2 का स्कोर, दोनों खुलने वाले बल्लेबाज़ उस्मान खवाजा (147*) और स्टीवन स्मिथ (104*) की अपराजित शतक जोड़ी ने इसे संभव बनाया। ये सिर्फ एक दिन का स्कोर नहीं था — ये एक संकेत था कि ऑस्ट्रेलिया इस श्रृंखला में किस तरह से अपनी शक्ति दिखाने वाला है।
कैसे बनी ये अद्भुत शुरुआत?
सुबह की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक 145/2 का स्कोर बनाया, जिसमें खवाजा 65 और स्मिथ सिर्फ 2 रन पर थे। लेकिन दोपहर के बाद जब खवाजा ने अपनी गति बढ़ाई, तो सब कुछ बदल गया। दोनों ने 60 गेंदों में 50 रन की तेज़ जोड़ी बनाई — जिसमें कोई एक्स्ट्रा नहीं था। ये था उस तरह का बल्लेबाज़ी जिसे टेस्ट क्रिकेट में देखना दुर्लभ है।
चाय के ब्रेक तक, ऑस्ट्रेलिया 261/2 पर था — खवाजा 119 और स्मिथ 64। उनकी 150 रन की भागीदारी 242 गेंदों में पूरी हुई। ये जोड़ी ने न केवल गाले के धीमे पिच को नियंत्रित किया, बल्कि श्रीलंका के गेंदबाज़ों को बिल्कुल बेकार साबित कर दिया। स्मिथ ने इसी पारी में टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे किए — दुनिया के केवल चौथे बल्लेबाज़ बने।
दूसरे दिन का शुरुआती अंदाज़ और ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाज़ी जलवा
दूसरे दिन शुरुआत में श्रीलंका की बल्लेबाज़ी धीमी रही। उन्हें 15 ओवर में 44/3 का स्कोर बनाना पड़ा। डिनेश चंदीमल ने 91 गेंदों में 50 रन बनाए, लेकिन गेंदबाज़ों के बीच बचे बल्लेबाज़ बिल्कुल फंस गए।
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी जारी रखी। जॉश फिलिप्स इंग्लिस ने 90 गेंदों में 100 रन बनाए — एक छक्का और दस चौके। इस तरह ऑस्ट्रेलिया 600 रन पार कर गया। अंतिम स्कोर 654/6 था — 154 ओवर में 4.25 रन प्रति ओवर की दर से। ये सिर्फ एक बड़ा स्कोर नहीं था, बल्कि एक ऐसा आंकड़ा जिसने श्रीलंका के लिए उम्मीद का दरवाजा बंद कर दिया।
श्रीलंका की दुर्दशा: दोनों पारियों में बर्बादी
श्रीलंका की पहली पारी 165 रन पर समाप्त हुई — 52.2 ओवर में। दूसरी पारी में उन्होंने 247 रन बनाए, लेकिन ये भी बहुत कम था। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में एक पारी से 242 रनों से जीत दर्ज की। ये उनकी इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ी जीतों में से एक है।
श्रीलंका के गेंदबाज़ों के लिए ये दिन बर्बादी था। प्रबाथ जयसूरिया ने दो विकेट लिए, लेकिन उनके अलावा कोई भी गेंदबाज़ ने कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाला। जेफ्री वैंडरसे ने दो विकेट लिए, लेकिन उनके बल्लेबाज़ों के खिलाफ उनकी गेंदबाज़ी बिल्कुल असरहीन रही।
क्यों ये जीत इतनी बड़ी है?
ये मैच सिर्फ एक टेस्ट नहीं था — ये वर्न-मुरलीधरन ट्रॉफी का पहला मैच था। ऑस्ट्रेलिया ने इस श्रृंखला के लिए 12 अंक जीते, जबकि श्रीलंका को शून्य। इस जीत ने ऑस्ट्रेलिया को श्रृंखला में बहुत बड़ा लाभ दिया।
खवाजा और स्मिथ की पारी ने न केवल श्रीलंका को निराश किया, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट फैन्स को भी याद दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया अभी भी टेस्ट क्रिकेट का सबसे खतरनाक टीम है। इस जोड़ी ने बिना किसी बड़े गेंदबाज़ी दबाव के, बिना किसी बड़ी गलती के, सिर्फ अपनी तकनीक और धैर्य से खेला।
क्या अगला मैच भी ऐसा ही होगा?
अगला टेस्ट श्रीलंका के अपने घरेलू मैदान पर होगा, लेकिन अब श्रीलंका के लिए ये बहुत बड़ा चुनौती है। उन्हें अपनी बल्लेबाज़ी को बहुत ज्यादा सुधारना होगा। अगर वे दूसरे टेस्ट में भी ऐसे ही गिरते रहे, तो ये श्रृंखला बहुत जल्दी समाप्त हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए, ये जीत ने उनके विश्व कप के बाद के टेस्ट रिकॉर्ड को और मजबूत किया है। अब उनके लिए ये सवाल है — क्या वे इस तरह की बल्लेबाज़ी को बरकरार रख पाएंगे? या ये सिर्फ एक शानदार दिन था?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्टीव स्मिथ ने कैसे 10,000 टेस्ट रन पूरे किए?
स्टीव स्मिथ ने गाले में खेले गए इस मैच के दौरान अपना 10,000वां टेस्ट रन बनाया। वे दुनिया के केवल चौथे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है — रिकी पॉन्टिंग, जैक ब्रैथवेट और डैनियल वॉगन के बाद। इस शतक के साथ उनका टेस्ट औसत 61.5 पर पहुंच गया।
उस्मान खवाजा की ये पारी किस तरह अलग थी?
खवाजा की 232 रन की पारी (अगले दिन) उनकी जीवन की सबसे बड़ी टेस्ट पारी थी। उन्होंने इसमें 31 चौके और 3 छक्के मारे, जो एक ओपनर के लिए असाधारण है। उनकी धैर्य और बल्लेबाज़ी की गति का मिश्रण श्रीलंका के लिए असंभव साबित हुआ।
गाले का पिच कैसा था और इसने मैच को कैसे प्रभावित किया?
गाले का पिच धीमा और टेस्ट के लिए आदर्श था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों ने इसे अपने फायदे में बदल दिया। श्रीलंका के गेंदबाज़ जल्दी ही बेकार हो गए क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने बहुत कम रिस्क लिया और धीरे-धीरे रन जोड़े।
श्रीलंका के लिए अगला क्या चाहिए?
श्रीलंका को अपनी बल्लेबाज़ी लाइनअप में बड़ा बदलाव करना होगा। उनके ऊपरी क्रम में कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक नहीं बना। उन्हें दो नए बल्लेबाज़ों को ट्रायल करना होगा और अपनी गेंदबाज़ी में अधिक विविधता लानी होगी।
ऑस्ट्रेलिया के लिए इस जीत का अगला प्रभाव क्या होगा?
इस जीत ने ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट टीम के आत्मविश्वास को बहुत बढ़ाया है। अब वे अगले टेस्ट में भी अपनी बल्लेबाज़ी की शैली बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। यह जीत उन्हें विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बनाए रखने में मदद करेगी।
इस मैच में किस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रन बनाए?
उस्मान खवाजा ने इस मैच में सबसे ज्यादा रन बनाए — 232। उनकी ये पारी ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी पारी है। उन्होंने 31 चौके और 3 छक्के मारे, जिससे उनकी स्ट्राइक रेट 75.8 रही।

lakshmi shyam
नवंबर 25, 2025 AT 00:09ये सब बकवास है, ऑस्ट्रेलिया को घर पर खेलने दो, यहाँ धीमा पिच है और फिर भी ये लोग 650 बना रहे हैं? श्रीलंका के गेंदबाज़ तो बच्चे जैसे लग रहे थे।
Sabir Malik
नवंबर 25, 2025 AT 17:38देखो ये जोड़ी बन रही है तो दिल खुश हो जाता है, खवाजा और स्मिथ ने जो खेला वो क्रिकेट की असली भावना है। बिना धमाकेदार शॉट्स के, बिना झूठे आत्मविश्वास के, सिर्फ तकनीक और धैर्य से। ये बच्चों के लिए मिसाल है कि सफलता के लिए जल्दबाजी नहीं चाहिए। जब तक तुम बैट नहीं छोड़ते, तब तक मैच नहीं खोते। इस जोड़ी ने बस यही किया।
Debsmita Santra
नवंबर 27, 2025 AT 11:31इस पारी में जो चीज़ सबसे ज्यादा नज़र आई वो है बल्लेबाज़ी की टाइमिंग और रन रेट का संतुलन। ऑस्ट्रेलिया ने जब तक पिच को नहीं समझा तब तक एग्रेसिव नहीं खेला। ये टेस्ट क्रिकेट का आदर्श नमूना है जहाँ बल्लेबाज़ बॉल को एक्सप्लॉइट करता है न कि उसे फोर्स करता है। श्रीलंका के गेंदबाज़ों को अपनी गति और वैरिएशन रिविज़ करना चाहिए, वरना ये श्रृंखला एक पारी में ही खत्म हो जाएगी।
Vasudha Kamra
नवंबर 27, 2025 AT 12:11स्मिथ के 10,000 रन और खवाजा की शतक पारी दोनों ही ऐतिहासिक हैं। उनकी टेस्ट औसत और स्ट्राइक रेट का संयोजन आज के क्रिकेट में अद्वितीय है। यह पारी केवल रनों का जमाव नहीं, बल्कि बल्लेबाज़ी के विज्ञान का प्रदर्शन था।
Abhinav Rawat
नवंबर 28, 2025 AT 11:19क्या आपने कभी सोचा है कि अगर ये दोनों खिलाड़ी 1990 के दशक में खेलते तो क्या होता? आज के टेस्ट क्रिकेट में रन बनाना आसान है, लेकिन उस समय जब पिच ज्यादा तेज़ थे और गेंदबाज़ अधिक आक्रामक थे, तो क्या ये दोनों वैसे ही खेल पाते? शायद नहीं। ये दिन आज के क्रिकेट के बारे में है - जहाँ बल्लेबाज़ी बन गई है एक व्यापार। और ये दोनों उस व्यापार के सबसे बड़े व्यापारी हैं।
Shashi Singh
नवंबर 29, 2025 AT 00:16ये सब फेक है!! ऑस्ट्रेलिया ने पिच को बर्बाद कर दिया है, श्रीलंका के गेंदबाज़ भी ब्रिटिश राज के खिलाफ बगावत कर रहे हैं!! ये रन बनाने का जाल है, जिसमें ICC और बीसीसीआई दोनों शामिल हैं!! अगर आप देखो तो देखोगे कि गेंदबाज़ों को फोर्स बाउंड्री के बाहर खेलने के लिए मजबूर किया गया है!! ये साजिश है!!
Surbhi Kanda
नवंबर 30, 2025 AT 03:21खवाजा की इस पारी में बैटिंग एंगल, बॉल रिलीज़ पॉइंट और फुटवर्क का विश्लेषण अद्भुत है। ये उनकी टेक्निकल एक्यूरेसी का नतीजा है, जो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई एकेडमी में बनाई है। श्रीलंका के बल्लेबाज़ों को भी इसी तरह की ट्रेनिंग की ज़रूरत है।
Sandhiya Ravi
दिसंबर 1, 2025 AT 03:46ये दोनों खिलाड़ी बस खेल रहे थे, बिना किसी दबाव के, बिना किसी आदमी की नज़र के। ये जो हुआ वो खेल का असली रूप है। श्रीलंका के लोगों को भी बहुत बड़ी तारीफ देनी चाहिए, उन्होंने अच्छा खेला। अगले मैच में देखेंगे कि वो कैसे वापस आते हैं।
JAYESH KOTADIYA
दिसंबर 1, 2025 AT 03:48भारत का टेस्ट टीम इतना बड़ा स्कोर कैसे नहीं बना पाया? 😒 ये ऑस्ट्रेलिया वाले तो अपने घर पर ही दिखाते हैं कि टेस्ट क्रिकेट क्या है। भारत के बल्लेबाज़ तो बस बाहर खेलकर नाच रहे हैं। 🤷♂️
Vikash Kumar
दिसंबर 2, 2025 AT 19:37खवाजा का 232? बेकार। स्मिथ का 104? बोरिंग। ये सब फिल्मी बातें हैं। असली क्रिकेट तो वो है जब गेंदबाज़ बल्लेबाज़ को गले लगा ले।
Siddharth Gupta
दिसंबर 3, 2025 AT 04:57दोस्तों ये दिन याद रखोगे। जब एक ओपनर और एक नंबर 3 ने बिना फोर्सिंग के बिना बुलेट शॉट्स के बिना बस बॉल को नियंत्रित करके टेस्ट क्रिकेट को नई परिभाषा दे दी। ये जोड़ी ने नहीं बल्कि क्रिकेट को जीवित रखा।
Anoop Singh
दिसंबर 4, 2025 AT 05:21अरे ये स्मिथ को तो अभी भी बाहर निकाल देना चाहिए था, उसने तो बस बैठकर रन बनाए। गेंदबाज़ों को अच्छी गेंद नहीं फेंकी। और खवाजा? वो तो बस चाय पीता रहा।
Omkar Salunkhe
दिसंबर 4, 2025 AT 16:12ये सब फेक न्यूज़ है, ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को गलती से 650 बनाया। श्रीलंका ने गेंदबाज़ी के लिए बेस्ट फील्डर्स रखे थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बैट के साथ चोरी कर ली। गेंद भी टेस्ट नहीं हो सकती जो इतनी धीमी हो।
raja kumar
दिसंबर 5, 2025 AT 14:30इस जोड़ी ने न केवल एक मैच जीता बल्कि एक संस्कृति को बहाल किया। टेस्ट क्रिकेट के बारे में आज की नई पीढ़ी को यही दिखाना चाहिए - धैर्य, समर्पण और शांति से खेलना। श्रीलंका के खिलाड़ियों को भी इसी राह पर चलना चाहिए। ये जीत नहीं, एक शिक्षा है।
Sumit Prakash Gupta
दिसंबर 6, 2025 AT 02:23ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी की स्ट्रक्चर और फोकस इंग्लिश टेस्ट टीम की तुलना में बेहतर है। उनके बैटिंग ऑर्डर में फ्लेक्सिबिलिटी और रिस्क मैनेजमेंट का बेहतरीन मिश्रण है। श्रीलंका को अपने बल्लेबाज़ों को डिफेंसिव टेक्नीक्स पर फोकस करना चाहिए।
Shikhar Narwal
दिसंबर 6, 2025 AT 08:36खवाजा और स्मिथ की जोड़ी ने बस खेल दिया। बस। 🤝❤️