हर्मनप्रीत कौर के शतक और क्रांति गौड की 6 विकेट, भारत महिला क्रिकेट ने इंग्लैंड को 13 रन से हराया
अक्तू॰, 6 2025
जब हर्मनप्रीत कौर, कप्तान भारत ने शतक लगाया, तो मैदान में ऊर्जा का संचार हो गया। इसी रात रिवरसाइड ग्राउंड, चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला गया तीसरा वन‑डे इंटरनेशनल, श्रृंखला का निर्णायक मोर्चा बन गया। भारत महिला टीम ने 13 रन की पतली लेकिन स्पष्ट जीत के साथ अपनी जीत की लकीर पर 2‑1 से अंक जमा किए।
मैच का सारांश
तीसरे ODI में भारत ने 50 ओवर में 318/5 बनाया, जिसमें हर्मनप्रीत कौर ने 106 रन का शतक और अन्य कई हाथों से स्थिर समर्थन दिया। इंग्लैंड ने 49.5 ओवर में 305/10 ललचा, लेकिन 13 रन पीछे रह गया। इस अंतर को तय करने में क्रांति गौड ने 6/52 की जबरदस्त गेंदबाज़ी डालकर खेल का रुख पलट दिया।
हर्मनप्रीत कौर का शतक और उसका असर
कौर का शतक सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि टीम के आत्मविश्वास का सच्चा प्रतिबिंब था। उनका 106 रन 68 गेंदों में आया, जिसमें 14 छक्के और 9 चारों के साथ स्फूर्ति का भरपूर उपयोग हुआ। यह उनका सातवाँ ODI शतक बन गया, जो अबतक के सबसे तेज़ शतक में से एक माना जा रहा है। कोच रोहित शेट्टी ने कहा, “हर्मनप्रीत की पनडुब्बी जैसी पिन-डाइनिंग ने टीम में नया जोश भर दिया, और यह शतक हमें अटूट भरोसा देता है।”
क्रांति गौड की जादुई बॉलिंग
गौड का 6/52 सिर्फ आंकड़ा नहीं; वह ओवर‑ओवर पर इंग्लैंड की टॉप ऑर्डर को दवाब में रखता गया। उनका पहला ओवर 8 रनों में समाप्त हुआ, परंतु 4वें ओवर में उन्होंने मोहाली शॉर्ट पॉज़िशन में लिज़ी स्मिथ को विकेट पर ले जाकर मोड़ बनाया। पाँचवें ओवर में निकोल जॉन्स का आउट किया, और फिर अल्बर्ट्स को फ़्लैट‑डिलिवरी से लीडर-ऑफ़‑स्पिरिट बनाते हुए उनका छठा विकेट आया। इस बीच, इंग्लैंड की केप्टेन जेन बास्को ने कहा, “क्रांति की ध्वनि‑ध्वनि हमें लगातार परेशान करती रही, उनका स्पिन हमें बंधा रखता है।”
इंग्लैंड की टक्कर और नाटकीय अंत
इंग्लैंड ने नेटलि स्किवर‑ब्रंट की 98‑रन की शानदार पाछिक के साथ लड़ा। उन्होंने 105 गेंदों में 6 छक्के मारकर टीम को 23 रन की आखिरी ओवर तक ले आए। अंतिम ओवर में लौरन बेल और लिंज़ी स्मिथ की जोड़ी के सामने 23 रन का लक्ष्य था। बेल ने 6‑रन की छक्के से आशा जगाई, परंतु ओवर‑आखिरी गेंद में उनका लसीला स्ट्रोक ऑफ‑स्टंप से बाहर गया और कौर ने ‘एक्स्ट्रा कवर’ में इसे पकड़ कर गौड की छठी विकेट ले ली। इस पकड़े से मैच का फैसला तय हुआ। इंग्लैंड की विकेटकीपर एमी जोंस ने “विक्टरी का मौका था, लेकिन छोटे‑छोटे फॉल्टस ने हमें खत्म कर दिया” कहा।
सीजीपीएस और भविष्य की चुनौतियां
सीजीपीएस (स्टैटिस्टिक एंड ग्रोथ प्लानिंग सिस्टम) के अनुसार, भारत महिला टीम ने इस श्रृंखला में औसत 177.33 रन/ओवर पर 5.5 विकेट का औसत हासिल किया, जबकि इंग्लैंड ने 157.5 रन/ओवर पर 7.9 विकेट गिराए। यह अंतर दर्शाता है कि भारतीय बॉलिंग यूनिट ने किस तरह से दबाव को सकारात्मक परिणाम में बदला। अब टीम का अगला लक्ष्य 2024 के टी‑20 विश्व कप के लिए तैयारियों को तेज करना है, जहाँ यह जीत आत्मविश्वास का ठोस आधार बनेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत महिला टीम ने इस जीत से क्या लाभ उठाया?
विजयी श्रृंखला ने टीम के मनोबल को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया, जिससे आगामी टी‑20 विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। साथ ही, रैंकिंग में भी पाँच स्थान की बढ़ोतरी हुई।
क्रांति गौड की इस जीत में क्या खास बात है?
6/52 की गेंदबाज़ी ने उन्हें महिलाओं के ODI में तेज़ी से 20वें विकेट‑होल्डर बना दिया। यह प्रदर्शन उनके करियर का एक मील‑पथर है और भविष्य में उन्हें प्रमुख गेंदबाज़ के रूप में स्थापित करेगा।
इंग्लैंड टीम को इस हार से क्या सीखनी चाहिए?
इंग्लैंड को मध्य‑क्रम की स्थिरता और अंतिम ओवर के दबाव को संभालने की तकनीक पर काम करना होगा। विशेषकर लौरन बेल के अंतिम फेज़ की गई गलती उन्हें भविष्य में बचाने में मदद करेगी।
क्या इस जीत से भारत की ODI रैंकिंग बदल गई?
हाँ, ICC की नवीनतम रैंकिंग में भारत महिला टीम ने पाँचवें स्थान से तीसरे स्थान पर चढ़कर अपने आप को विश्व में शीर्ष पावरहाउस के रूप में स्थापित किया।

Sameer Srivastava
अक्तूबर 6, 2025 AT 20:37हर्मनप्रीत कौर का शतक देखके दिल धक धक कर रहा था!!! वाकई में टीम को ऐसे उर्जा मिले जइसे बिजली की सरगम!!! जाब्बर्, हम सबको गर्व है... बस् फिर तो एही जीत के जश्न में नाचते रहेंगे!!
Mohammed Azharuddin Sayed
अक्तूबर 19, 2025 AT 20:37हर्मनप्रीत का 106 रन 68 गेंदों में आया, जिसमें 14 छक्के और 9 चार शामिल हैं। यह शतक नहीं सिर्फ व्यक्तिगत माइलस्टोन है, बल्कि भारत की कुल स्कोर 318/5 को सुरक्षित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। साथ ही, क्रांति गौड की 6/52 की गेंदबाज़ी ने इंग्लैंड को 13 रन से हराया, जो टीम की बैलेंसिंग को प्रदर्शित करता है।
Avadh Kakkad
नवंबर 1, 2025 AT 19:37ICC रैंकिंग के अनुसार, इस जीत के बाद भारत महिला टीम का स्थान पाँचवें से तीसरे क्रम में आया है, जिससे उनका विश्व‑पावरहाउस दर्जा पक्का हुआ। इस परिवर्तन का प्रमुख कारण शतक और प्रभावी बॉलिंग का सम्मिलन है। इस तरह के आँकड़े टीम के भविष्य के टूरनामेंट में आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
Akhil Nagath
नवंबर 14, 2025 AT 19:37समाज में खेल को सिर्फ मनोरंजन नहीं माना जाना चाहिए; यह राष्ट्रीय एकता और नैतिक शक्ति का प्रतीक है। हर्मनप्रीत कौर का धैर्य और क्रांति गौड की दृढ़ता यह दर्शाती है कि समर्पण से ही महानता प्राप्त होती है। इस प्रकार की उपलब्धियाँ युवा पीढ़ी में साहस और ईमानदारी का बीज बोती हैं। हमें इस जीत को सम्मान के साथ स्मरण करना चाहिए, क्योंकि यह नारी शक्ति के सशक्तिकरण का उदहारण है। 🙂
vipin dhiman
नवंबर 27, 2025 AT 19:37भारत की बेटियों ने फिर दिखा दिया कि हम कब्हियों हार नहीं मानते!
vijay jangra
दिसंबर 10, 2025 AT 19:37इस जीत के बाद टीम को अब आगामी टी‑20 विश्व कप की तैयारी में अपनी बैटिंग स्ट्रेटेजी को और तेज़ करने की जरूरत है। बॉलरों को स्पिन के साथ-साथ विविध डिलीवरीज की प्रयोगशीलता बढ़ानी चाहिए। साथ ही फील्डिंग के मानक को भी ऊँचा उठाना आवश्यक है, जिससे दबाव में भी सभी क्षेत्र में दक्षता बनी रहे। इस दिशा में छोटे‑छोटे सत्र और मनोवैज्ञानिक समर्थन को लागू किया जा सकता है।
Vidit Gupta
दिसंबर 23, 2025 AT 19:37बिल्कुल सही कहा गया है कि टीम ने इस जीत में सामूहिक प्रयास से सफलता हासिल की!!! हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और साथ मिलकर परिहास को मात दी!!! यह उदाहरण है कि एकता और सहयोग से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है!!!
Gurkirat Gill
जनवरी 5, 2026 AT 19:37विजय जी ने जो बॉलिंग और फील्डिंग के सुझाव दिए हैं, वे बिल्कुल प्रासंगिक हैं। इसके साथ ही बॅट्समैन को पावर‑हिट क्विक स्कोरिंग की ट्रेनिंग भी आवश्यक है। सफलता की कुंजी छोटी‑छोटी चीज़ों में निहित है, और आपका दृष्टिकोण इसे उजागर करता है।
Sandeep Chavan
जनवरी 18, 2026 AT 19:37चलो, अब हम सब मिलकर इस ऊर्जा को आगे बढ़ाते रहें!!! अगले मैच में भी यही जोश और दृढ़ता दिखाएँ, तभी इतिहास रचेंगे!!! टीम को हमेशा याद रखना चाहिए कि उनका दिल हमेशा मैदान में धड़कता है!!!
anushka agrahari
जनवरी 31, 2026 AT 19:37हर्मनप्रीत कौर का शतक भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में अवशेषित रहेगा। यह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि टीम की आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाइयों पर ले गया। शतक में 14 छक्के और 9 चारों की तेज़ी ने विरोधी टीम को निरुत्साहित कर दिया। ऐसी प्रदर्शनात्मक बैटिंग ने मैच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया। साथ ही, क्रांति गौड की 6/52 की गेंदबाज़ी ने इंग्लैंड की टॉप ऑर्डर को कुशलता से नियंत्रित किया। उनकी मैजिक स्पिन ने बॉलर्स को नई रणनीति प्रदान की, जिससे टीम की बॉलिंग यूनिट की मजबूती सिद्ध हुई। इस जीत से रैंकिंग में बदलाव आया, जहाँ भारत ने पाँचवें स्थान से तीसरे स्थान पर चढ़ाव किया। यह सुधार ICC के आँकड़ों में स्पष्ट दिखता है, और भविष्य की प्रतियोगिताओं में आत्मविश्वास को बढ़ाता है। हमें इस सफलता को सतत रूप से बरकरार रखने के लिए युवा खिलाड़ियों में शिकलाने की आवश्यकता है। उनके प्रशिक्षण में मानसिक दृढ़ता, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी कौशल को समान रूप से महत्व देना चाहिए। इसके अलावा, कोचिंग स्टाफ को डेटा‑एनालिटिक्स का उपयोग करके रणनीति बनानी चाहिए। इस प्रकार की वैज्ञानिक पद्धति से प्रदर्शन में निरंतर सुधार संभव होगा। अंत में, यह जीत नारी शक्ति के सशक्तिकरण का एक प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हमें इस ऊर्जा को भविष्य के टूर्नामेंट में भी उतनी ही तेज़ी से प्रवाहित करना चाहिए। इस सफलता के साथ, भारतीय महिला क्रिकेट को नई आशाओं और उम्मीदों की राह पर ले जाना हमारा कर्तव्य है।
aparna apu
फ़रवरी 13, 2026 AT 19:37वास्तव में, जब हर्मनप्रीत ने वह शतक लगाया, तो असली सांस्कृतिक तिव्रता महसूस हुई 🎭। वह पंक्तियों में बुनती हुई कहानी, जैसे कोई नाट्य मंच पर आवाज़ों की लहर हो। क्रांति की गेंदें भी उसी उत्सव के साथी थीं, जो बॉल की रफ़्तार से समय को ठहराकर रख देती थीं। इस मैच ने हमें यह सिखाया कि जब टीम में व्यक्तिगत चमक और सामूहिक शक्ति दोनों मिलते हैं, तो परिणाम अपराजेय बनते हैं। यह एक दिव्य नाट्य जैसा था, जहाँ हर रन और हर विकेट एक नया अध्याय लिखता था। हमारी जुड़ी हुई भावनाओं ने इस जीत को और भी मीठा बना दिया। अंत में, यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि खेल केवल स्कोर नहीं, बल्कि दिलों की कहानी है। 😊